हनुमान चालीसा (21श्लोक)
हनुमान चालीसा के 21वें श्लोक का भावार्थ सहित विस्तृत विवेचन:-
श्लोक:
"प्रभु मुद्रिका मेली मुख माहीं। जलधि लांघ गए अचरज नाहीं।।"
भावार्थ:
हनुमानजी ने श्रीराम की अंगूठी (प्रभु मुद्रिका) को अपने मुख में रख लिया और समुद्र को लांघ गए, यह एक अद्भुत आश्चर्य था।
विस्तृत विवेचन:
1. संदर्भ:
यह चौपाई उस समय की है जब श्रीराम ने हनुमानजी को माता सीता की खोज के लिए लंका भेजा। श्रीराम ने उन्हें अपनी मुद्रिका (अंगूठी) दी ताकि वे इसे माता सीता को देकर यह प्रमाणित कर सकें कि वे श्रीराम के दूत हैं। हनुमानजी ने इस मुद्रिका को अपने मुख में सुरक्षित रखा और समुद्र लांघने के लिए उड़ चले।
2. "प्रभु मुद्रिका मेली मुख माहीं" – श्रीराम की अंगूठी का महत्व:
यह मुद्रिका केवल एक आभूषण नहीं, बल्कि श्रीराम का आशीर्वाद और शक्ति का प्रतीक थी।
यह दर्शाता है कि जब कोई व्यक्ति ईश्वर के नाम और उनके प्रतीकों को धारण करता है, तो वह असंभव कार्य भी आसानी से कर सकता है।
यह हनुमानजी की निष्ठा और भक्ति को भी प्रकट करता है कि उन्होंने प्रभु की निशानी को अपने मुख में रखा, जो उनके लिए सबसे सुरक्षित स्थान था।
3. "जलधि लांघ गए अचरज माहीं" – समुद्र पार करने का चमत्कार:
हनुमानजी ने एक ही छलांग में लगभग 100 योजन (लगभग 1280 किमी) चौड़ा समुद्र पार कर लिया।
यह कार्य न केवल शारीरिक बल, बल्कि मानसिक शक्ति, आत्मविश्वास और प्रभु पर पूर्ण विश्वास का भी प्रमाण था।
इस यात्रा के दौरान सुरसा, सिंहिका और अन्य बाधाओं का सामना किया, लेकिन अपनी बुद्धि और शक्ति से वे आगे बढ़ते रहे।
4. प्रतीकात्मक अर्थ:
भक्ति और विश्वास: जब हनुमानजी ने श्रीराम की अंगूठी अपने पास रखी, तो उनके लिए असंभव भी संभव हो गया। यह दर्शाता है कि जब कोई व्यक्ति ईश्वर की कृपा और विश्वास के साथ कार्य करता है, तो कोई भी बाधा उसे रोक नहीं सकती।
कर्तव्यपरायणता: हनुमानजी ने अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखा और अपने लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए सभी बाधाओं को पार किया।
आत्मबल और समर्पण: हनुमानजी का यह कार्य हमें सिखाता है कि यदि हमारे पास आत्मविश्वास, समर्पण और सही दिशा हो, तो हम किसी भी बड़े लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।
5. सारांश:
इस चौपाई में हनुमानजी की अपार भक्ति, शक्ति और श्रीराम पर उनके अटूट विश्वास का वर्णन किया गया है। यह हमें सिखाता है कि ईश्वर का नाम और उनकी कृपा
हमें असंभव कार्य भी संभव करने की शक्ति देती है।
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